रणजीत बच्चन की हत्या मामले में बड़ा खुलासा, पत्नी और उसके प्रेमी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


लखनऊ। हिंदू संगठन के नेता रणजीत बच्चन की लखनऊ में हुई हत्या के सिलसिले में उनकी पत्नी, पत्नी के प्रेमी और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दूसरी ओर, इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने एक संदिग्ध शूटर जितेंद्र को गुरुवार को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। लखनऊ के पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय ने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया कि इस मामले में बच्चन की दूसरी पत्नी बताई जा रही स्मृति श्रीवास्तव, उसके मित्र दीपेंद्र और ड्राइवर संजीत गौतम को गिरफ्तार किया गया है। पांडेय के मुताबिक स्मृति ने पुलिस को बताया है कि उसके और बच्चन के बीच तलाक का मुकदमा 2016 से चल रहा था लेकिन बच्चन अदालत में पेश नहीं हो रहे थे और प्रक्रिया में विलंब कर रहे थे। स्मृति का दावा है कि बच्चन दीपेंद्र के साथ उसके विवाह में बाधाएं पैदा कर रहे थे।


भगवाधारी बच्चन ने विश्व हिंदू महासभा की स्थापना की थी। चालीस वर्षीय बच्चन की दो फरवरी को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।उस समय वह सुबह की सैर को निकले थे । हमले में उनके चचेरे भाई आदित्य श्रीवास्तव घायल हो गए थे। पांडेय ने बताया कि हत्या में बच्चन की दूसरी पत्नी स्मृति, उसका दोस्त दीपेंद्र, ड्राइवर संजीत और शूटर जितेंद्र शामिल थे। दीपेंद्र ने ही सबको वारदात के लिए राज़ी किया था। उन्होंने बताया कि स्मृति पूरी साजिश का हिस्सा थी। संजीत को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया। दीपेंद्र को उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा से पकड़ा गया। स्मृति को भी लखनऊ के विकास नगर से गिरफ्तार किया गया।

 

 

पांडेय ने बताया कि दीपेंद्र, संजीत और जितेंद्र एक और दो फरवरी की मध्यरात्रि के बाद लगभग 2:30 बजे रायबरेली से निकले। दो फरवरी को दीपेंद्र को हजरतगंज चौराहे पर छोड़ दिया गया। शूटर को कैपिटल सिनेमा हॉल की क्रॉसिंग के पास छोड़ा गया। आयुक्त ने बताया कि सुबह 5:40 पर रंजीत बच्चन, कालिंदी और आदित्य अपने घर से सुबह की सैर के लिए निकले। हजरतगंज में शूटर ने उनका पीछा किया और ग्लोब पार्क के बाहर हमला कर दिया।  एक अधिकारी ने कहा, ‘‘विशेष सूचना पर उत्तर प्रदेश पुलिस की एसटीएफ ने मुंबई पुलिस की मदद से संदिग्ध शूटर को गुरुवार को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया।’’उन्होंने कहा, ‘‘जांच के दौरान एसटीएफ को कुछ संदिग्धों के बारे में सुराग मिले थे। संदिग्धों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पता चला कि इनमें से एक मुंबई भाग गया है।’’