हल्की- फुल्की कॉमेडी और कमजोर कहानी के साथ पर्दे पर उतरी फिल्म जय मम्मी दी


वैसे तो आजकल ज्यादा लोग फ्लैटों में रहते हैं जहां किसी को ये नहीं पता रहता कि उनके पड़ोस में कौन रहता है, लेकिन सोसाइटी में फैमली बसती है ये वाली फीलिंग आज भी आप दिल्ली में ले सकते हैं। इन सोसाइटीज में लोगों के बीच प्यार भी होता है और तकरार भी। फिल्म जय मम्मी दी (Jai Mummy Di) भी एक सोसाइटी में रहने वाली दो मम्मियों के ऐतिहासिक झगड़े पर बनाई गयी फिल्म हैं, लेकिन ये झगड़ा लाठी-डंडे से नहीं बल्कि जुबान से होता है। फिल्म में दो मम्मियों की दुश्मनी की सजा उनके बच्चे भुगत रहे हैं। फिल्म की स्क्रिप्टिंग और निर्देशन नवजोत गुलाटी ने किया हैं। प्यार का पंचनामा वाली सनी सिंह और सोनाली सहगल की जोड़ी भी आपको फिल्म में देखने को मिलेगी। अगर इस हफ्ते बहुत ज्यादा उम्मीदों के साथ सिनेमाघर नहीं जा रहे हो और कुछ हल्का- फुल्का कॉमेडी देखने का मन है तो आप फिल्म जय मम्मी दी देख सकते हैं।



 


फिल्म की कहानी 

फिल्म एक सोसाइटी में रहने वाली दो मम्मियां सुप्रिया पाठक और पूनम ढिल्लों की कहानी हैं। दोनों किसी जमाने में दोस्त हुआ करती थी, लेकिन उनकी जिंदगी में कुछ ऐसा हुआ की दोनों की कांटे की दुश्मनी हो गई। पड़ोस में रहने वाली ये दोनों मम्मियां बहुत लड़ती हैं, कोई भी मौका नहीं छोड़ती एक-दूसरे को नीचा दिखाने का। हर वक्त बस इसी फिराक में रहती है जिससे सामने वाले की इनसल्ट की जा सकें। बॉलीवुड की कई फिल्म में दिखाया गया है कि दुश्मन से प्यार हो जाता है। यहां पर भी यही फॉर्मूला अपनाया गया है। मम्मियों में दुश्मनी होती है लेकिन उनके बच्चों में आपस में प्यार हो जाता हैं। दोनों के बच्चें सनी सिंह और सोनाली सहगल चाहते हैं कि उनकी मम्मियां आपस में दोस्त बन जाएं। दोनों की सुलह करवाने के लिए बच्चे काफी मेहनत भी करते हैं, लेकिन मामला तब बिगड़ जाता हैं जब सोनाली सहगल की शादी उनकी मम्मी किसी और के साथ तय कर देती हैं। अब क्या दोनों पड़ोसन के बीच भारत- पाकिस्तान वाली दुश्मनी खत्म होगी या सोनाली की शादी किसी और से हो जाएगी ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।

 

 

एक्टिंग और डायरेक्शन

सनी सिंह एक अच्चे एक्टर हैं उन्होंने प्यार का पंचनामा 2, उजड़ा चमन जैसी फिल्मों में अच्छा काम किया है। फिल्म में मम्मियों का किरदार निभाने वाली सुप्रिया पाठक और पूनम ढिल्लों ने भी अड़ियल मां की अच्छी एक्टिंग की है। बाकि फिल्मों की तरह सोनाली सहगल ने भी अपने हॉटनेस का फिल्म में लगाया हैं लेकिन वह अडियल मां की बेटी के किरदार में ज्यादा फिट नहीं लग रहीं। फिल्म की कमजोरी हैं फिल्म का डायरेक्शन और उसकी कहानी। फिल्म की स्क्रिप्ट में कॉमेडी है लेकिन इमोशन सीन पर इमोशन का आभाव है। कॉमेडी पर भी हंसी नहीं आ रही। फिल्म में कुछ नया नहीं किया गया हैं बल्कि बॉलीवुड की और फिल्मों से कुछ-कुछ चीजें उठा कर एक फिल्म बना दी है ऐसा लग रहा है। फिल्म के म्यूजिक की बात करें तो फिल्म का एक गाना सुपरहित है मेरी मम्मी नू पसंद नहीं है तू.... ये गानी पंजाब का काफी फेमस गाना हैं।

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